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AIIMS में डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ समेत 480 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव, अब तक 3 की मौत

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Picture courtesy: Third-party.

नई दिल्ली: अभी तक दिल्ली स्थित AIIMS के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ समेत 480 से ज्यादा लोग कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। तीन स्टाफ की मौत भी हो चुकी है। देश में कोरोनावायरस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। संक्रमितों की संख्या दो लाख से उपर जा चुकि है। यह आंकड़ा हर रोज तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना से इस जंग में फ्रंट वॉरियर्स भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं।

राजधानी दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। अभी तक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ समेत 480 से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

AIIMS में अभी तक दो फैकल्टी, 17 रेजीडेंट डॉक्टर, 38 नर्सिंग स्टाफ, 74 सिक्योरिटी स्टाफ, 75 हॉस्पिटल अटेंडेंट, 54 सैनिटाइजेशन स्टाफ, 14 लैब टेक्निशियन/ओटी स्टाफ, 13 डीईओ और 196 अन्य लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जो कि गहन चिंता का विषय है। अस्पताल में काम की हालत में सुधार की मांग को लेकर AIIMS की नर्स यूनियन पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रही है।

Picture courtesy: Third-party.

बताते चलें कि दिल्ली में अभी तक 25,000 से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। दिल्ली में बाहर से आने वाले सभी घरेलू यात्रियों के लिए दिल्ली सरकार ने नियम बदल दिए हैं। दिल्ली सरकार ने इस बारे में आदेश भी जारी किया है। अब दिल्ली के अंदर जो भी बिना लक्षण वाला (Asymptomatic) यात्री आएगा, उसको 7 दिन के लिए खुद को होम क्वारंटाइन करना होगा।

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, चेन्नई और हैदराबाद सहित देश के कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित 75 शहरों से लौट रहे लोगों के क्वारंटाइन में रहने की अवधि 14 दिन से बढ़ाकर 21 दिन कर दी है। राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन शहरों से लौट रहे लोगों को 7 दिन तक संस्थागत पृथक-वास में रखा जाएगा और फिर 14 दिन तक वह अपने घरों में अलग रहेंगे।

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लेकिन इन सभी बातों के बीच मे हम लोग संक्रमित स्वस्थकर्मी के कोरोना पाज़िटिव होने के बारे मे सरकार कुछ भी कहने के स्थिति मे नहीं है। अगर डॉक्टर को भी कोरोना हो जाएगा तो दूसरे मरीजों का इलाज कोन करेगा।

सरकार को जल्द से जल्द इसका कोई ठोस कदम उठाना होगा क्यूंकी हेलिकाप्टर से फूल बरसाने से उनकी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकलेगा।

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