Home कलम से जो कोई ना कर सका वो corona ने कर दिखाया

जो कोई ना कर सका वो corona ने कर दिखाया

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Picture courtesy: Third party.

जी हां, आज कल इस वायरस का कहर सारी दुनिया में देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ लाखों कि तादात में लोग अपनी जान गवां रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पूरे विश्व का स्टॉक मार्केट नीचे गिरता जा रहा है, जो की किसी भी देश के लिए अच्छा खबर नहीं है। जानकारों की माने तो यह वायरस अगर भारत में सबसे पहले आता तो भारत आज सबसे कमजोर स्थिति में होता। क्यूंकि भारत के मेडिकल सुविधा की हकीकत को किसी भी शब्द कि ज़रूरत नहीं हैं। वैसे तो पूरे विश्व में सबसे सस्ती और अच्छी मेडिकल सुविधा देने के मामले में भरत का नाम सबसे उपर आता है। लेकिन भारत की जान संख्या के अनुसार ये सुविधा पर्याप्त नहीं हैं। एक बड़ी मीडिया रपट के अनुसार भारत के प्रति 10000 लोगों पर एक डॉक्टर है, जो कि यूनेस्को गाइडलाइंस से बिल्कुल विपरीत है।

हालांकि, चीन के उदाहरण से सभी देशों ने सीख लिया और इसका परिणाम बाकी देशों में देखने को मिला है। अभी भी भारत के काफी राज्यों में लापरवाही हो रही है जिसके कारण सभी को इसका परिणाम भोगना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ पूरे विश्व के डॉक्टर इसका इलाज ढूंडने में लगे हुए है। इस पोस्ट के माध्यम से में सभी को यह कहना चाहता हूं कि कृपया करके किसी भी अफवाह पर भरोसा ना करें और अपने आस पास सफाई बनाएं रखें।

अब करते हैं मुद्दे की बात। कोरोना वायरस ने सभी मीडिया चैनल को हिन्दू-मुसलमान, भारत-पाकिस्तान के मुद्दे से भटका रखा है, जो कि देश के लिए काफी अच्छी बात है। अफवाहों का बाजार भी इस समय ठंडा पड़ा है क्यूंकि इस वायरस ने सभी सफवाह-करता को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।

पहले जब भी न्यूज चैनल खोलो तोह सिर्फ चिलते हुए पार्टी कार्यकर्ता की आवाज़ सुनाई देती थी और उस शोर से कोई भी अंदाजा लगा सकता था कि टीवी पर बैठे यह बैठे महानुंभव किन मुद्दों पर बात कर रहे है। ज़्यादातर मुद्दे हिन्दू – मुसलमान, भारत – पाकिस्तान ही होता था।

Picture courtesy: Third party.

ऐसे स्थिति में छोटे बच्चे इन न्यूज चैनल पर चल रही डिबेट से क्या सीखेंगे। क्या वह बच्चे अपनी बात को बिना चिल्लाए कह सकेंगे? क्या यह मुद्दे भारत के भविष्य के लिए है? एसे और भी सवाल है जो पूछे जाने ज़रूरी है।

अगर आपको लगता है तो शायद आपको अच्छे डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है। हमारे विचार में देश के लिए जो असली मुद्दे है, बेरोज़गारी, शिक्षा, साफ पानी, सभी को साफ भोजन, सर पर छत और भी बुनियादी चीज़ें। हम सभी के भावनाओं की कद्र करते हैं, और अगर किसी भी भावना आहत हुई है तो इसके लिए हम तहे दिल से माफी मांगना चाहते है। क्यूंकि हम सही है और आगे भी आप तक सच्चाई लाते रहेंगे।

 

Story By Ritesh Kumar Singh

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