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कितना खतरनाक होगा चक्रवात निसर्ग तूफान? महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाके हो सकते हैं प्रभावित

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Picture courtesy: Third-party.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों पर चक्रवाती तूफान अम्फान के तबाही मचने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को निसर्ग नाम के एक और चक्रवाती तूफान की चेतावनी जारी की है, जो 3 जून को महाराष्ट्र और गुजरात के तट से टकरा सकता है।

मौसम विभाग ने कहा है कि 3 जून को निसर्ग चक्रवाती तूफान उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात तट तक आने की संभावना है। आईएमडी ने ट्वीट कर कहा है कि दक्षिण पूर्वी और आसपास के पूर्वी मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जिससे अगले 24 घंटे में निसर्ग चक्रवाती तूफान के पूर्वी मध्य और आसपास के दक्षिण पूर्वी अरब सागर के ऊपर दबाव के रूप में मजबूत होने की संभावना है। इसके उत्तर की तरफ आगे बढ़ने और तीन जून तक उत्तरी महाराष्ट्र तथा गुजरात तटों के पास पहुंचने की काफी संभावना है। मौसम विभाग ने चक्रवात निसर्ग के चलते मछुआरों को ऐतिहातन समुद्र में ना जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जो भी मछुआरे अभी अरब सागर में गए हैं, वह तुरंत वापस तटों पर लौटें और सुरक्षित अपने घर आ जाए। इस चक्रवाती तूफान की लाइव ट्रैकिंग संभव है और आईएमडी वेबसाइट के माध्यम से ऐसा किया जा सकता है।

Picture courtesy: Third-party.

किस क्षेत्र में होगा निसर्ग का प्रभाव?

ऐसा माना जा रहा है की यह उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के समुद्र तट की ओर बढ़ रहा है और इसके बुधवार को तट से टकराने की संभावना है। उस समय तक, यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित होने की पूरी संभावना है। कहा जा रहा है कि यह तूफान हिंद महासागर में उठने वाले चक्रवातों की ताकत से दोगुनी ताकत का है। चक्रवातों की ताकत को उनके द्वारा उत्पन्न हवा की गति से मापा जाता है। सबसे मजबूत, निसर्ग 95-105 किलोमीटर प्रति घंटे की गति में हवा की गति से जुड़ा होगा। दूसरी ओर, Amphan को श्रेणी 5 के सुपर-साइक्लोन के रूप में समूहबद्ध किया गया था, हालांकि यह बाद में श्रेणी 4 तक कमजोर हो गया था।

कितना खतरनाक साबित हो सकता है निसर्ग?

यदि यह चक्रवाती तूफान मजबूत हो जाता है, तो महाराष्ट्र के कुछ तटीय जिलों को सीधा नुसकसन होगा। हालांकि अभी भी लैंडफॉल का सही स्थान निर्धारित किया जाना बाकी है, लेकिन इसकी मुंबई के करीब होने की संभावना ज्यादा है। पड़ोसी ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग भी प्रभावित होने की संभावना है, और 4 जून तक इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना हो रही है।

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