Home मनोरंजन जगत क्या सच में शुशांत को बायपोलर डिसऑर्डर था

क्या सच में शुशांत को बायपोलर डिसऑर्डर था

464
0
Picture courtesy: Third-party.

नई दिल्ली: बार-बार खबरों में दिखाया जा रहा है कि शुशांत को बायपोलर था। लेकिन अभी तक सुशांत की बीमारी से जुड़ी जितनी जानकारी बाहर आई है, उसके आधार पर यह कह पाना बेहद मुश्किल है कि सुशांत को यह बिमापी थी। आइए, जानते हैं कि क्या होता है बायपोलर डिसऑर्डर, कौन-से लक्षण आते हैं इसमें और अगर सुशांत को यह बीमारी थी तो इस कहानी में क्या मिसिंग है।

क्या है बाइपोलर डिसॉर्डर?

इस बीमारी से ग्रसित मरीज में कई तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं। आप इस बारे मे जानकारी के लिए अपने नजदीकी डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। हमने भी ऐसा ही किया और डॉक्टर ने बताया की बायपोलर डिसऑर्डर कोई एक बीमारी नहीं है बल्कि दो अलग-अलग बीमारियों का साझा रूप है। इस डिसऑर्डर में पेशंट को डिप्रेशन और मेनिया दोनों के एपिसोड्स आते हैं। जिस व्यक्ति में इन दोनों मानसिक बीमारियों के लक्षण देखने को मिलते हैं, उन्हें ही बायपोलर डिसऑर्डर का पेशंट माना जाता है।

एक नहीं दो बीमारी है

अब तक यह बात क्लियर है कि मेनिया और डिप्रेशन बायपोलर डिसऑर्डर का ही हिस्सा है। अब हमें जानना है कि जिस व्यक्ति में यह डिसऑर्डर होता है, उसमें किस तरह के लक्षण दिखाई पड़ते हैं? बायपोलर डिसऑर्डर के मरीज में मेनिया और डिप्रेशन दोनों के लक्षण होते है। खास बात यह है कि ये दोनों बीमारियां एक-दूसरे के एकदम विपरीत होती हैं।

क्या अंतर है मेनिया और डिप्रेशन मे

मेनिया एक ऐसी मानसिक समस्या होती है, जिसमें व्यक्ति बड़ी-बड़ी बातें करता है। खुद को किसी राजा से कम नहीं समझता। उसके दिमाग में बिल्कुल ऐसे खयाल होते हैं, जैसे कि दुनिया अपनी मुट्ठी में है। वहीं, इसके ठीक विपरीत डिप्रेशन के मरीज पर निराशा हावी रहती है। उसे लगता है कि दुनिया में अपने लिए कुछ बचा ही नहीं है। हम एकदम अकेले और असहाय हैं।

कम से कम होना चाहिए इतना अंतर

बायपोलर डिसऑर्डर के मरीज में मेनिया और डिप्रेशन के एपिसोड्स के बीच कम से कम दो महीने का अंतर होता है। यानी इन दोनों बीमारियों के लक्षण किसी व्यक्ति में एक साथ नहीं देखे जाते। कभी मेनिया का एपिसोड चल रहा होता है तो कभी डिप्रेशन का।

लेकिन जब एक बीमारी हावी होती है तो दूसरी बिल्कुल नजर नहीं आती है। दो एकदम विपरीत लक्षणों की बीमारियां एक ही समय पर होने के कारण इस बीमारी को बायपोलर डिसऑर्डर कहा जाता है।

Picture courtesy: Third-party.

क्या है सुशांत के केस मे

सुशांत के केस में उनके फैंस के लिए जो बात अभी तक मिसिंग है और किसी भी तरफ से सामने नहीं आई है, वह हैं मेनिया के लक्षण। अब जानिए मेनिया के लक्षण क्या होते हैं? जैसे, नींद कम आना, हाई एनर्जी फील करना, रेस्टलेस रहना, मूड हाई रहना, बड़ी-बड़ी बातें करना, बाकी लोगों की तुलना में अपने आपको सुपीरियर दिखाना।

इसके अतिरिक्त बहुत अधिक खर्च करना, बहुत अधिक घूमना-फिरना। जिन लोगों से मिलते नहीं थे उनसे मिलना, जिनसे बात नहीं करते थे उनसे बेवजह बात करना यानी अपनी पास्ट लाइफ की तुलना में मेनिया के दौरान बहुत अधिक इंटेरेक्शन करने लगना। गुस्सा बहुत अधिक करना आदि।

ट्रीटेबल है क्योरेबल नहीं

बायपोलर डिसऑर्डर के दौरान होनेवाली दोनों मानसिक बीमारियां यानी डिप्रेशन और मेनिया दोनों ही ट्रीटेबल मेंटल डिजीज हैं लेकिन क्योरेबल नहीं। यानी दवाओं के जरिए इन बीमारियों को नियंत्रण में रखा जा सकता है। ठीक वैसे जैसे शुगर और हाईपरटेंशन की बीमारी को। लेकिन कोशिश करें की ये बीमारी ना हो किसी को, उसके लिए आप रोज सुबह शाम योग करें और मेडिटेशन भी एक किरदार अदा करता है।

इलाज है जरूरी

इसका मतलब यह है कि दवाओं के जरिए बायपोलर डिसऑर्डर को दवाओं के जरिए सीमित समय में नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही इसके कारण होनेवाले मानसिक और शारीरिक नुकसान को कम किया जा सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इस बीमारी की दवाएं जीवनभर खानी पड़ती हैं। स्थिति नियंत्रित होने के बाद डॉक्टर की सलाह पर दवाएं बंद की जा सकती हैं।

लेकिन अभी तक ऐसी कोई भी खबर बाहर नहीं आई है जिससे ये पता लगाया जा सके की शुशान्त को बाइपोलर या फिर मेनिया था। डिप्रेशन की बात जरूर सामने आ रही है लेकिन जब तक जांच की कोई पक्की खबर सामने ना आ जाए तब तक कुछ भी कहना सही नहीं होगा।

Facebook Comments