Home कलम से कौन सी जंग है ज्यादा खतरनाक कोरोना या फिर गरीबी?

कौन सी जंग है ज्यादा खतरनाक कोरोना या फिर गरीबी?

230
0
Picture courtesy: Third-party.

नई दिल्ली: हर रोज़ सुबह उठ कर एक ही डर लगा रहता है कि कहीं आज हमारे घर के पास से कोई कोरोना का मरीज ना आए। और जब भी आँख खुलती है और अखबार पर नज़र जाती है तो दुख भी बहुत होता है। हर रोज कोरोना से मरीज बढते ही जा रहे हैं और हम सभी को इस बिमारी के होने का खतरा भी उतना ही बढता ही जा रहा है।

लेकिन उसी अखबार के एक पन्ने पर एक खबर देख मन विचलित सा हो गया। खबर दिल्ली से मीलों दूर हैदराबाद की है। एक प्रवासी ऑटो चालक जो बच्चों के लिए गैस रिफिल और दूध के लिए बाहर निकला था, मीर चौक पर पुलिस ने कथित रूप से उमकी पिटाई कर दी। गुस्से में आदमी ने अपने वाहन को नुकसान पहुँचाया और पुलिस से भिड़ गया, यह पूछने पर कि ‘हमें भूख लगी है, हमारे पास पैसे नहीं हैं और आप हमें मार रहे हैं, किसलिए? पहले आप इस वीडियो के देखो।

कोरोना से लडने के लिए घर में ही रहना ज़रूरी है मानते हैं, लेकिन कब तक इंसान घर में रहेगा। उसको जब खाना नहीं मिलेगा तो वह बाहर तो आएगा ही। एसा सिर्फ हैदराबाद में ही नहीं बलकी काफी जगह पर देखा गया है। दिल्ली में राहत के लिए राज्य सरकार ने खाने का इंतजाम तो किया है लिकिन दिल्ली में कुछ एसे क्षेत्र हैं जहाँ पर गरीब लोग ज्यादा है। कई मीडिया खबरों के अनुसार जब वो लोग सुबह खाना के लिए कतार में लगते हैं तो, उन्हे खाना शाम को मिलता है और उससे बडी परेशानी तब होती है जब कोई शक्स अपने परिवार के लिए खाना मांगता है और उसे नहीं दिया जाता।

आखिर क्यों गरीबी बढ सकती है?

एसे में गरीब लोग जिनके सर के उपर से छत छीनी जा चुकी है, उन लोगों के पास पलायन करने के सिवाए कोई दूसरा रासता नहीं दिखता और वह सभी लोग पैदल ही अपना लेकर गांव की और निकल पडे। UN के एक रपट के अनुसार कोरोना के खत्म होते होते 50 करोड़ लोग गरीबी रोखा से नीचे आ जाएंगे जो कि एक डरावना वाक्य है।

क्या शहरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सरकार शुरू करेगी ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन?

इस भयावह बिमारी के तहत काफी कंपनी भी बंद हो गई हैं और आगे आने वाले समय में कुछ कंपनी भी बंद हो सकती है। एसे में कितने ही लोग एस बिमारी के तहत बेराज़गार हो जाएंगे।

हमारी यह चिंता बहुत लाज़मी है और सरकार और अन्य लोगों को इस बारे में सोचना होगा।

Story By Ritesh Kumar Singh

Facebook Comments