Breaking News
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार। अगर आप हरिद्वार में रहते हैं या गंगा जल का उपयोग पीने के लिए करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार में गंगा नदी का पानी अब ‘B’ श्रेणी में पाया गया है, जो पीने के लिए असुरक्षित है। हालांकि, इस पानी से नहाने में कोई खतरा नहीं है।

बोर्ड हर महीने हरिद्वार के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा पर लगभग आठ स्थानों से गंगा के पानी के नमूने लेकर जांच करता है।

गंगा जल ‘B’ श्रेणी में पाया गया
नवंबर माह की जांच के दौरान गंगा का पानी ‘B’ कैटगरी में आया, जो यह दर्शाता है कि पानी को कीटाणुरहित करने के बाद भी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पानी को गुणवत्ता के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें ‘A’ श्रेणी सबसे साफ और पीने योग्य होती है, जबकि ‘E’ सबसे अधिक प्रदूषित मानी जाती है।

क्या बोले अधिकारी?
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की गुणवत्ता चार मापदंडों – पीएच, घुलित ऑक्सीजन, जैविक ऑक्सीजन और कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया – के आधार पर जांची जाती है। हरिद्वार का गंगा जल नहाने के लिए उपयुक्त है, लेकिन पीने के लिए नहीं।

पुजारी ने जताई चिंता
स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने गंगा जल में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा की शुद्धता मानव मल के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा, “गंगा जल से नहाने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं। लेकिन वर्तमान प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।”

नदियों में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय
गंगा ही नहीं, देश की अन्य नदियां भी प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं। 1 दिसंबर को दिल्ली की यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत देखी गई, जिससे स्वास्थ्य पर संभावित खतरों को लेकर चिंता और बढ़ गई।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top