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‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तक को मिली सरकार की मंजूरी

‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तक को मिली सरकार की मंजूरी

प्राथमिक शिक्षा में कक्षा 6 से 8 तक के पाठ्यक्रम में होगी शामिल

शैक्षिक सत्र 2025-26 से विद्यालय स्तर पर होगी लागू

देहरादून। प्रदेश की भावी पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक लोक विरासत और महान विभूतियों की जीवनी से परिचित हो सके, इसके लिये राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के तहत सामाजिक विज्ञान विषय की सहायक पुस्तिका के रूप में ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इस पुस्तिका को कक्षा 6 से 8 तक के पाठ्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2025-26 से पढ़ाया जायेगा।

नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के स्कूलों में छात्र-छात्राएं अब अपनी समृद्ध सांस्कृतिक लोक विरासत, गौरवशाली इतिहास सहित प्रदेश की महान विभूतियों की जीवनी को पढ़ेंगे। प्रदेश सरकार ने इसके लिये राज्य शैक्षिक अनुसांधन एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकों को पाठ्यक्रम शामिल करने की मंजूरी दे दी है। ये पुस्तकें कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक सामाजिक विज्ञान विषय की सहायक पुस्तिका के रूप में पढ़ाई जायेगी। विद्यालयी स्तर पर इन पुस्तकों का संचालन आगामी अकादमिक सत्र 2025-26 से किया जायेगा।

‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ सहायक पुस्तिकाओं से छात्र-छात्राएं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक लोक विरासत, लोकगीत, लोक नृत्य, सांस्कृतिक विविधता, प्रदेश का गौरवशाली इतिहास, पृथक राज्य आंदोलन, विभिन्न राजनीतिक, सांस्कृतिक व सामाजिक चेतना से जुड़े आंदोलन, प्रदेश का सामाजिक व आर्थिक विकास सहित प्रदेश की महान विभितियों की जीवनी से परिचित होंगे। इन पुस्तिकाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने के बाद इसका परीक्षा मूल्यांकन होगा। जिसमें कक्षावार सामाजिक विज्ञान विषय की अर्द्धवार्षिक व वार्षिक लिखित परीक्षा में कुल 80 अंक में से अधिकतम 05 अंक निर्धारित किये गये हैं। जबकि मासिक परीक्षा में इन पुस्तकों से 10 में से अधिकतम 2 अंकों का मूल्यांकन किया जायेगा। सामाजिक विज्ञान हेतु पाठ्यक्रम में प्रोजेक्ट कार्य के लिये पूर्व से निर्धारित 10 अंक में से 3 अंक का मूल्यांकन हमारी विरासत एवं विभूतियां पुस्तक से किया जायेगा। इसके अलावा इन पुस्तकों के संचालन हेतु विद्यालयों की समय-सारिणी में प्रति सप्ताह न्यूनतम एक वादन निर्धारित किया जायेगा साथ ही पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रार्थना सभा, प्रतिभा दिवस एवं राष्ट्रीय व स्थानीय दिवसों पर चर्चा-परिचर्चा, वाद-विवाद, भाषण व नाट्य प्रस्तुतिकरण आदि आयोजित किये जायेंगे। एससीईआरटी द्वारा तैयार इन पुस्तकों का माह जुलाई 2024 में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा विमोचन किया जा चुका है।

बयान-
नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को राज्य के धार्मिक, ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ महान विभूतियों के योगदान से परिचित कराने का विशेष प्रावधान किया गया है। इस उद्देश्य को साकार करने के लिए कक्षा 6 से 8 तक के पाठ्यक्रम में “हमारी विरासत एवं विभूतियां“ पुस्तिका को बाल साहित्य के रूप में लागू कर दिया है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और जागरूकता उत्पन्न करेगी, बल्कि उनके नैतिक और सामाजिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।- डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

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