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कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों का किया उत्पीड़न तो होगी कड़ी कार्रवाई- कुसुम कण्डवाल

कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों का किया उत्पीड़न तो होगी कड़ी कार्रवाई- कुसुम कण्डवाल

पहले विभागीय आईसीसी कमेटी में करें शिकायत, निवारण ना मिले तो महिला आयोग का दरवाजा खटखटाएं

महिला के अधिकारों की जागरूकता के लिये डी०ए०वी० की बड़ी पहल, आईसीसी कमेटी ने आयोजित कराई कार्यशाला

देहरादून। डी.ए.वी. (पी.जी.) महाविद्यालय, देहरादून के दीनदयाल सभागार में “कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के लिये गठित आन्तरिक शिकायत समिति (आई.सी.सी.) हेतु दिशा निर्देश” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

डी.ए.वी. पीजी महाविद्यालय की आई.सी.सी. द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा” विशाखा एवं अन्य बनाम राजस्थान एवं अन्य (JT1997 (7) SC384)” में निर्धारित कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय पहल है ऐसी कार्यशाला का आयोजन सभी संस्थानों को कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज के समय मे ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे है जिनमे महिलाओं का कार्यस्थल पर विभिन्न प्रकार से उत्पीड़न किया जाता है, कही महिला को मानसिक तौर पर कही उसके कार्यो को लेकर या उसकी मजाक बनाकर उस पर तंज कसे जाते है या कही तो महिला कर्मचारी का शारीरिक (सेक्सुअल) तौर पर भी उत्पीड़न किया जाता है।

उन्होंने कहा मैं उन लोगो को यह बता देना चाहती हूं कि यदि किसी के भी द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाएगा तो वह यह ध्यान रखें कि उन्हें बख्शा नही जाएगा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किसी के साथ भी होता है कि उसका कार्यस्थल में उत्पीड़न किया गया है तो सबसे पहले वह विभागीय आईसीसी कमेटी में शिकायत करे, और यदि उन्हें उस शिकायत का निवारण उस कमेटी से ना मिले तो वह पीड़िता महिला आयोग का दरवाजा खटखटा सकती है।

उन्होंने बताया कि में उत्तराखण्ड में पहली बार महिलाओं के सर्वागीण विकास एवं उत्थान के लिये महिला नीति बनाई गयी है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को विधिक सहायता दिलाने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। महिला स्वयं को कमजोर न समझे आयोग उनके साथ हर संभव मदद के लिए खड़ा है।

डी.ए.वी. पीजी कॉलेज की आई.सी.सी. कमेटी की अध्यक्ष प्रो० सविता रावत ने महाविद्यालय में गठित कमेटी का विवरण एवं कार्य का लेखा प्रस्तुत किया। प्रो० सुनील कुमार, प्राचार्य ने महाविद्यालय में अनुशासन एवं सकारात्मक वातावरण बनाये रखने हेतु कालेज प्रशासन एवं विभिन्न समितियों द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही सभी से अपेक्षा की कि इन मानकों के प्रति सजग रहेंगे।

कार्यशाला की रिसोर्सपर्सन अंजना गुप्ता, उपमुख्य प्रोबेसन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग ने मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित निर्देशों एवं कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 (रोकथाम, निशेध एवं निवारण) के अनुरूप संस्थानों में गठित आन्तरिक शिकायत समिति के उद्देश्य, यौन उत्पीड़न की परिभाषा दिशा-निर्देशों को लागू करने हेतु शक्तियां एवं जिम्मेदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो० शिखा नागलिया एवं डा० प्रतिमा सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया।

कार्यक्रम में बलवीर उनियाल (एन.जी.ओ.) प्रतिनिधि, प्रो० अशोक श्रीवास्तव, प्रो० एच०एस० रंधावा, प्रो० सविता भट्ट, प्रो रश्मि त्यागी, डा० रामविनय सिंह, डा० ओनिमा शर्मा, डा० पीयूश मिश्रा, डा० अनूप मिश्रा, डा० एम.एम. जस्सल, डा० रवि दीक्षित, प्रो० कौशल कुमार, प्रो० राखी उपाध्याय प्रो० पूनम मिश्रा, डा० रीना तिवारी, डा० रूपाली बहल,जी०के० सिंह, दिनेश गौड़, महेन्दर सिंह एवं छात्र/छात्राऐं कार्यशाला में उपस्थित रहे।

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