Breaking News
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

नाकामी पर पर्दा है वक्फ बिल, भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम- सांसद अखिलेश यादव 

नाकामी पर पर्दा है वक्फ बिल, भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम- सांसद अखिलेश यादव 

वक्फ बिल मुसलमानों के लिए, लेकिन नहीं सुनी जा रही उन्ही की बात- अखिलेश यादव

नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल नाकामी पर पर्दा है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम। रातोंरात नोटबंदी का फैसला लिया। नोटबंदी की नाकामी पर भी चर्चा जरूरी है। अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और किसान की आय दोगुनी नहीं कर पाए, उस पर भी चर्चा होनी चाहिए।

वक्फ बिल मुसलमानों के लिए है। मुसलमानों की बात ही नहीं सुन रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल के पीछे ना नीति सही, ना नियत सही। भाजपा ध्रुवीकरण का फायदा उठानी चाहती है। भाजपा मुस्लिम भाईचारे को बांटना चाहती है। भाजपा को अपने वोटबैंक में गिरावट की चिंता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि चीन के कब्जे वाली जमीन ज्यादा बड़ा मुद्दा है। चीन ने जिस जमीन पर गांव बसाए वो बड़ा मुद्दा है। रेलवे की जमीनों को बेचा जा रहा है। रेलवे हो या डिफेंस सारी जमीनें भारत की हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है, तब अपनी नाकामी छिपाती है।

महाकुंभ में कितने हिंदू मारे गए, इस पर पर्दा डालने के लिए भाजपा यह बिल लेकर आई है। महाकुंभ में आस्था सबकी है। कोई पहली बार कुंभ नहीं हो रहा था। भाजपा ने ऐसा प्रचार किया कि 144 साल बाद यह कुंभ हो रहा है।

सरकार का दावा था कि हमारी तैयारी सौ करोड़ श्रद्धालुओं की है, महाकुंभ में 30 श्रद्धालु मारे गए, और एक हजार लापता हैं, सरकार जान गंवाने वालों के नाम बताए जाएं। अखिलेश यादव ने कहा कि कुंभ हमारे लिए कारोबार का जरिए नहीं है। महाकुंभ की मौतों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे ईद के कार्यक्रमों में जाने से रोका गया। देश मिलीजुली सांकृति से बना है।

अखिलेश की टिप्पणी पर अमित शाह ने कसा तंज
समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।” इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं तो कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे…”

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, “मैं ये पूछना चाहता हूं कि ये बिल अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बनाया कि किसी और विभाग ने बनाया है? यह बिल कहां से आया?…आज देश में अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि आज सरकार को उनके धर्म का प्रमाण पत्र देना पड़ेगा…क्या वे दूसरे धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेंगे कि आपने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धर्म के इस मामले में क्यों दखल दे रही है…”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top