Breaking News
मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी
मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

आपदा के बीच परंपरा कायम, दयारा बुग्याल में 20 दिन बाद मनाया गया अंडुड़ी मेला

आपदा के बीच परंपरा कायम, दयारा बुग्याल में 20 दिन बाद मनाया गया अंडुड़ी मेला

उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल में इस वर्ष पारंपरिक अंडुड़ी मेला (बटर फेस्टिवल) धराली आपदा के कारण तय तिथि से 20 दिन बाद आयोजित किया गया। रैथल और आसपास के ग्रामीणों ने परंपरा निभाते हुए दूध-दही, मक्खन की होली खेली और राधा-कृष्ण बने पात्रों ने दही की हांडी फोड़कर उत्सव का शुभारंभ किया।

परंपरा से जुड़ा पर्व

आमतौर पर दयारा पर्यटन समिति और ग्रामीण हर साल भाद्रपद संक्रांति के दिन यह मेला मनाते हैं। सावन में बुग्यालों में मवेशियों के साथ रहने वाले लोग दूध-दही और मक्खन एकत्र करते हैं, जिन्हें बाद में देवताओं और वनदेवियों को भोग स्वरूप अर्पित किया जाता है। इस बार आपदा के कारण केवल गांव के लोगों ने ही सीमित रूप से यह पर्व मनाया।

उत्सव और श्रद्धांजलि

शनिवार को आयोजित मेले में ढोल-दमाऊं की थाप पर ग्रामीणों ने रासो-तांदी किया और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। समिति अध्यक्ष मनोज राणा और सदस्य पृथ्वीराज राणा ने बताया कि आयोजन से पहले शुक्रवार शाम धराली आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गई।

सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

मेले के समापन पर रैथल में सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top