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सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

एनडीए उम्मीदवार ने विपक्षी बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से दी मात

नई दिल्ली। भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने चुनाव में जीत दर्ज कर ली। उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडिया के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी 300 वोटों पर सिमट गए। अब राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। यह पद जुलाई से खाली पड़ा था, जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था।

उपराष्ट्रपति का पद भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद अहम माना जाता है। यह देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, लेकिन नए उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक वे पद पर बने रहते हैं।

संविधान में यह स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि यदि किसी कारण (जैसे इस्तीफा, मृत्यु) से कार्यकाल समाप्त होने से पहले पद रिक्त हो जाए या उपराष्ट्रपति अस्थायी रूप से राष्ट्रपति का कार्यभार संभालें, तो उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन कौन करेगा।

नई जिम्मेदारियों के साथ सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी कई सुविधाएँ और वेतन-भत्ते भी मिलेंगे। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं बल्कि संसदीय कार्यप्रणाली को दिशा देने वाली होती है।

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