Breaking News
मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी
मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

मौलाना अरशद मदनी के बयान पर राजनीतिक घमासान, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने

मौलाना अरशद मदनी के बयान पर राजनीतिक घमासान, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने

नई दिल्ली- जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बयान सामने आते ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दीं। कांग्रेस की ओर से नेता उदित राज ने मदनी के रुख का समर्थन किया, जबकि भाजपा ने इसे आड़े हाथों लेते हुए तीखी आपत्ति जताई।

कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि देश में सिर्फ मुसलमान ही नहीं, बल्कि दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग भी नियुक्तियों में उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में सिर्फ चुनिंदा समुदायों को प्राथमिकता दी जा रही है। उदित राज के अनुसार, केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाली 48 विश्वविद्यालयों में एक भी मुस्लिम, दलित या ओबीसी समुदाय का वाइस-चांसलर नहीं है और देश के 159 प्रतिष्ठित संस्थानों में भी इन वर्गों का प्रतिनिधित्व नदारद है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थानों में वही लोग नियुक्त किए जा रहे हैं जो संघ और भाजपा की विचारधारा से मेल खाते हैं। अल फलाह यूनिवर्सिटी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर आतंकवादी गतिविधियों का संदेह है, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे विश्वविद्यालय को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। वहीं हाल ही में हुई ‘लैटरल एंट्री’ आईएएस नियुक्तियों को लेकर भी उदित राज ने कहा कि इनमें एक भी उम्मीदवार दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग से नहीं था, जिससे स्पष्ट है कि सरकार इन समुदायों को मुख्यधारा से दूर रख रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top