विपक्ष भी खुलकर आया समर्थन में
झारखंड। झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और अब यह राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। आंदोलन में बढ़ती भागीदारी और सोशल मीडिया पर मिल रहे व्यापक समर्थन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की पहल की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी आंदोलन को समर्थन देकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। छात्रों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है, जिससे आने वाले दिनों में टकराव की स्थिति बनने की संभावना है।
बुधवार को आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और आंदोलनकारियों के सामने वार्ता का प्रस्ताव रखा। छात्रों ने कहा कि वे आपसी चर्चा के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेंगे।
भाजपा ने दिया आंदोलन को समर्थन
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन का ऐलान किया। भाजपा ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
आंदोलन में दिखने लगी अंदरूनी खींचतान
छात्र आंदोलन के भीतर मतभेद भी सामने आने लगे हैं। आंदोलन के संयोजकों में शामिल रामअवतार महतो ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल और उनके साथियों पर आंदोलन पर नियंत्रण करने, राजनीतिक फंडिंग लेने और क्राउड फंडिंग के जरिए बड़ी रकम जुटाने जैसे आरोप लगाए। हालांकि, कुणाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए रामअवतार पर ही आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
दूसरे राज्यों में भी छात्रों का विरोध जारी
झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी छात्र विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पंजाब: पेपर लीक के विरोध में युवा कांग्रेस और एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने विधानसभा मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
राजस्थान: जयपुर स्थित सरकारी आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मूक-बधिर छात्रों ने स्कूल में खराब बुनियादी सुविधाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों ने गंदे शौचालय, पेयजल की कमी और जर्जर भवन जैसी समस्याएं उठाईं। विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को पद से हटा दिया और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।


