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कांग्रेस ने सीएम से की प्रमुख मुद्दों के हल की मांग 

कांग्रेस ने सीएम से की प्रमुख मुद्दों के हल की मांग 

सांप्रदायिक सौहार्द,छात्र संघ चुनाव,उपनल कर्मचारियों व अशासकीय महाविद्यालय से जुड़े मुद्दे उठाये

प्रमुख मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना

मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वाशन-धस्माना

देहरादून। उत्तराखंड राज्य की चार ज्वलंत प्रमुख समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर लगातार बिगाड़े जा रहे सांप्रदायिक सौहार्द समेत अन्य मसले उठाये।

धस्माना ने छात्र संघ चुनाव,उपनल कर्मचारियों व अशासकीय महाविद्यालय से जुड़े मुद्दे के हल की मांग की।

धस्माना ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे पूरे राज्य के सीएम हैं और राज्य में रहने वाले प्रत्येक नागरिक चाहे वो किसी धर्म जाति का हो उसकी सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है किंतु कुछ महीनों से राज्य के अलग अलग हिस्सों में कुछ शरारती तत्व प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने में लगे हैं। उत्तरकाशी, चमोली,रुद्रप्रयाग,श्रीनगर, देहरादून के मामलों का जिक्र करते हुए धस्माना ने सीएम से आग्रह किया कि वे राज्य के प्रशाशन व पुलिस को ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दें।

धस्माना ने सीएम से राज्य के अशासकीय महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव ना करवाए जाने के उच्च शिक्षा विभाग के फैसले पर पुनर्विचार करते हुए तत्काल छात्र संघ चुनाव करवाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों में छात्र संघ चुनाव ना करवाए जाने के निर्णय से भरी आक्रोश है और अगर चुनाव नहीं करवाए गए तो छात्रों का आक्रोश आंदोलन का रूप ले लेगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने राज्य के 22 हजार से अधिक उपनल कर्मचारियों के संबंध में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ राज्य सरकार अब बजाय रिव्यू पिटिशन दाखिल करने के इन कर्मचारियों के समायोजन के बारे में एक नीति बना कर उनको वरिष्ठता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नियमित करे।

धस्माना ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में सेवा योगदान देते हुए पांच से बीस वर्ष का समय हो गया है अतः उनको नियमित कर सरकार एक बड़ा जनहित का फैसला ले कर श्रेय ले सकती है।

धस्माना ने राज्य के सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के साथ बरते जा रहे सौतेले व्यहवार पर मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि वर्ष 2019 से राज्य के समस्त अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में नियुक्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया हुआ है जिसके कारण डीएवी, डीबीएस,एमकेपी,एसजीआरआर,एमपीजी मसूरी जैसे महाविद्यालयों में शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं जिसके कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और अनेक विभागों के बंद होने की नौबत आ गई है। धस्माना ने इस संबंध में बीस सूत्री मांग पत्र जिसमें विस्तार से अशासकीय महाविद्यालयों के साथ हो रहे भेद भाव पर प्रकाश डाला गया मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धस्माना द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुना और आश्वासन दिया कि राज्य में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने छात्र संघ चुनाव व उपनल कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सकारात्मक रुख व्यक्त किया और उच्च शिक्षा के मामलों में सौंपे गए ज्ञापन का परीक्षण करवा कर यथोचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया।

प्रमुख मांग-

1- राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द पर सख्ती से कदम उठाने की मांग।
2.छात्र संघ चुनाव संपन्न करवाए राज्य सरकार।
3.उपनल कर्मचारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन की जगह उनके समायोजन के लिए नीति बनाई जाए ।
4.अशासकीय महाविद्यालयों के साथ सौतेला बर्ताव बंद हो और तत्काल नियुक्तियों पर लगी रोक हटाए सरकार।

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