Breaking News
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण

‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन 2025’ का तीसरा प्री-समिट सफलतापूर्वक सम्पन्न

‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन 2025’ का तीसरा प्री-समिट सफलतापूर्वक सम्पन्न

प्रौद्योगिकी आधारित आपदा एवं जलवायु जोखिम प्रबंधन पर जोर

बेंगलुरु। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच, ‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन 2025’ (WSDM 2025) का तीसरा प्री-समिट बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) में आयोजित हुआ। इस आयोजन का संयोजन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) और हिमालयन एकेडमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (HAST) ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

राज्यपाल ने किया उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में आपदा प्रबंधन में तकनीक की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री धामी का संदेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन के लिए यूकॉस्ट और अन्य आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मुख्य आयोजन नवंबर 2025 में उत्तराखंड में प्रस्तावित है।

वैज्ञानिकों की उपस्थिति और विचार
भारत रत्न प्रो. सी.एन.आर. राव और डॉ. इंदुमती राव ने वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रो. राव ने राज्यों के बीच वैज्ञानिक सहयोग की सराहना की, जबकि डॉ. राव ने ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने पर चिंता व्यक्त की।

स्थानीय मॉडल ‘सिलक्यारा फ्रेमवर्क’ का प्रस्ताव
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने उत्तराखंड और कर्नाटक के सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्तों को रेखांकित करते हुए ‘सिलक्यारा फ्रेमवर्क’ नामक स्वदेशी आपदा प्रबंधन मॉडल का प्रस्ताव रखा, जो पूर्व-आपदा वैज्ञानिक तैयारी पर आधारित है।

चार थीमैटिक सत्रों में हुआ व्यापक मंथन

प्रौद्योगिकी और आपदा जोखिम प्रबंधन
अध्यक्षता: डॉ. दिनेश के. त्यागी
मुख्य फोकस: समावेशी और टिकाऊ तकनीकी नवाचार

अंतरिक्ष आधारित अवलोकन प्रणाली
अध्यक्षता: प्रो. विनोद शर्मा
मुख्य फोकस: सैटेलाइट आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली

विशेषज्ञ विचार एवं नवाचार
अध्यक्षता: प्रो. विनोद मेनन
मुख्य फोकस: पारंपरिक ज्ञान और विज्ञान का सम्मिलन

महिलाओं की नेतृत्व भूमिका
अध्यक्षता: डॉ. अर्चना पिल्लई
मुख्य फोकस: महिला नेतृत्व द्वारा सामुदायिक समाधान

सम्मान एवं समापन
सभी वक्ताओं और आयोजकों को प्रो. दुर्गेश पंत द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन समिति में प्रह्लाद अधिकारी, प्रो. उमेश वाघमारे, प्रो. एन.एस. विद्याधिराज, प्रो. शीबा वासु, प्रो. जयश्री भट्ट, प्रो. अरुण त्यागी, अमित पोखरियाल, जितेन्द्र और संदीप की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

निष्कर्ष
इस प्री-समिट ने तकनीक आधारित, समावेशी और भविष्यद्रष्टा आपदा प्रबंधन रणनीतियों की दिशा में ठोस पहल की। यह आगामी मुख्य सम्मेलन WSDM 2025 के लिए एक सशक्त नींव के रूप में उभरा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top