Breaking News
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
‘बेबी डू डाई डू’ का धमाकेदार इंट्रो वीडियो रिलीज
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक- जिलाधिकारी
ACC विंग के 73 कैडेट्स ने पूरी की ट्रेनिंग, चेतवुड हॉल में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह
ACC विंग के 73 कैडेट्स ने पूरी की ट्रेनिंग, चेतवुड हॉल में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह
“निखण्यां जोग” की OTT पर एंट्री, वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर
“निखण्यां जोग” की OTT पर एंट्री, वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, बेटा और मामा ही निकले आरोपी
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, बेटा और मामा ही निकले आरोपी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी

सिलक्यारा सुरंग से मलवा हटाने के लिए कार्ययोजना तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सिलक्यारा सुरंग से मलवा हटाने के लिए कार्ययोजना तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

चिन्यालीसौड़। सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से आए मलबे को हटाने में 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मलबे को हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से मदद मांगी गई थी, जिसने 20 करोड़ की कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की है। मलबा हटाने का काम तीन-चार दिन में शुरू होगा। पिछले साल 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन से सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया था। हादसे के बाद ढाई महीने से अधिक समय तक सुरंग का निर्माण ठप रहा। 23 जनवरी को केंद्र ने एनएचआईडीसीएल को निर्माण शुरू करने की अनुमति दी, जिसके बाद बड़कोट से निर्माण शुरू हुआ।

सिलक्यारा छोर से भूस्खलन के मलबे से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। निर्माण शुरू करने के लिए सुरंग में रिसाव से जमा पानी की निकासी शुरू की गई, जिसके बाद अगली चुनौती भूस्खलन का मलबा हटाने की है। निर्माणदायी कंपनी नवयुगा ने तैयारी शुरू कर दी है। मलबा हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से तकनीकी मदद मांगी गई थी, जिसने मलबा हटाने के लिए करीब 20 करोड़ की डीपीआर तैयार की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top