Breaking News
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा
आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या
आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी के परिजनों को सौंपा ₹50 लाख की बीमा राशि का चैक
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी के परिजनों को सौंपा ₹50 लाख की बीमा राशि का चैक
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर सरिये से लदे ट्रक से टकराई कार, एक महिला की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर सरिये से लदे ट्रक से टकराई कार, एक महिला की मौत

हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन से हाहाकार, सैकड़ों सड़कें बंद

हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन से हाहाकार, सैकड़ों सड़कें बंद

बिलासपुर/शिमला-   हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिलासपुर जिले के नम्होल की उप-तहसील के गुतराहन गांव में शनिवार सुबह बादल फटने की घटना हुई, जिससे कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए। मौके से दो वाहन मलबे में दब गए जबकि पांच क्षतिग्रस्त हुए। सड़क पर आए मलबे की वजह से नम्होल–डाबर मार्ग बंद हो गया है। स्थानीय किसान कश्मीर सिंह की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि पानी का बहाव गांव की ओर न मुड़कर सड़क की तरफ चला गया, जिससे बड़ी तबाही टल गई।

लगातार बारिश से घुमारवीं क्षेत्र में सीर खड्ड का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। यह इस बरसात का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

शनिवार सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में भूस्खलन की वजह से तीन नेशनल हाईवे सहित कुल 577 सड़कें बंद हो गईं। बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है—389 ट्रांसफार्मर बंद हैं और 333 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। केवल कुल्लू में 174, मंडी में 166, शिमला में 48, कांगड़ा में 45, चंबा में 44 और सिरमौर में 28 सड़कें बाधित हैं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तुन्नूहट्टी, लाहड़ और मैहला क्षेत्रों में भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

एनएच मंडल के अधिशासी अभियंता मीत शर्मा ने बताया कि बारिश से पेड़ गिरने और मलबा आने की वजह से हाईवे पर यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन सड़क बहाली में जुटा है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 सितम्बर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। 13 और 14 सितम्बर को भारी बारिश और अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई इलाकों में शनिवार को झमाझम बारिश हुई, जबकि शिमला में धूप के बीच हल्के बादल छाए रहे। बीती रात पालमपुर में 86 मिमी, मुरारी देवी में 69.2 मिमी, कांगड़ा में 58.2 मिमी, जोगिंद्रनगर में 45 मिमी, धर्मशाला में 14.8 मिमी और मंडी में 13.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में अब तक हिमाचल को 4,465 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। 20 जून से 12 सितम्बर के बीच 386 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 451 लोग घायल और 41 अब भी लापता हैं। सड़क हादसों में भी 168 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं, राज्य में 538 पक्के और 834 कच्चे मकान पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि हजारों को आंशिक क्षति हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top