Breaking News
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

मतदाता सूची में हेरफेर रोकने को चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रक्रिया

नाम जोड़ने या हटाने पर अब मोबाइल OTP से होगा सत्यापन

नई दिल्ली। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने ई-सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज करने वाले को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। यह सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, पहले कई बार ऐसा होता था कि आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति किसी अन्य का नाम या मोबाइल नंबर लिख देता था। ई-सत्यापन की नई व्यवस्था इस तरह के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक बयानबाज़ी के जवाब में नहीं उठाया गया है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायतों के बाद 6,018 ऑनलाइन आवेदन (फॉर्म-7) आए थे। जांच में इनमें से केवल 24 सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। इसलिए सिर्फ 24 नाम ही मतदाता सूची से हटाए गए।

इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि उनकी आपत्ति के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल किया कि अलंद मामले में कर्नाटक सीआईडी को सबूत कब सौंपे जाएंगे। राहुल गांधी ने लिखा, “हमने चोरी पकड़ी, तभी आयोग को ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top