Breaking News
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
पौड़ी में विकसित किया जा रहा इको एडवेंचर पार्क, साहसिक पर्यटन और रोमांच का बनेगा नया केंद्र
पौड़ी में विकसित किया जा रहा इको एडवेंचर पार्क, साहसिक पर्यटन और रोमांच का बनेगा नया केंद्र
लोनी में 50 लाख की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिल्ली से चोरी की गई स्कूटी भी बरामद
लोनी में 50 लाख की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिल्ली से चोरी की गई स्कूटी भी बरामद
बांग्लादेश से सोना तस्करी के आरोप में पांच गिरफ्तार, 5.84 करोड़ रुपये का सोना और विदेशी मुद्रा जब्त
बांग्लादेश से सोना तस्करी के आरोप में पांच गिरफ्तार, 5.84 करोड़ रुपये का सोना और विदेशी मुद्रा जब्त
एशियाई पैरा गेम्स में आयुष वर्मा का कमाल, शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल
एशियाई पैरा गेम्स में आयुष वर्मा का कमाल, शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल
देहरादून के पटेलनगर बाजार में विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई, शांति भंग करने के आरोप में 3 गिरफ्तार
देहरादून के पटेलनगर बाजार में विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई, शांति भंग करने के आरोप में 3 गिरफ्तार
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
दुमका में मेला घूमने आई महिला चार साल के बेटे और भतीजे के साथ लापता, पुलिस तलाश में जुटी
दुमका में मेला घूमने आई महिला चार साल के बेटे और भतीजे के साथ लापता, पुलिस तलाश में जुटी
23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच
23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच

बुजुर्गों की सेहत और चुनौतियां, पारिवारिक और सामाजिक उपेक्षा बढ़ रहा संकट

बुजुर्गों की सेहत और चुनौतियां, पारिवारिक और सामाजिक उपेक्षा बढ़ रहा संकट

किरन सिंह

अगर बुजुर्गों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा किन्हीं वजहों से अपना इलाज नहीं करा पाता, तो यह समाज और व्यवस्था की एक बड़ी नाकामी है। गौरतलब है कि एक गैरसरकारी संगठन के अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है कि शहरी इलाकों के लगभग पचास फीसद बुजुर्ग आर्थिक मुश्किलों और कई अन्य तरह की चुनौतियों के चलते जरूरत के वक्त चिकित्सकों के पास नहीं जा पाते हैं। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा व्यापक है। वहां बुजुर्ग आबादी के बासठ फीसद से ज्यादा के सामने आर्थिक और अन्य बाधाएं खड़ी हैं, जिनके चलते उन्हें बीमारी में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

आमतौर पर साठ वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति को सेवानिवृत्ति की वजह से आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जबकि इसी उम्र में उन्हें सेहत संबंधी देखभाल की ज्यादा जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हों तो उनका जीवन कुछ आसान हो सकता है। मगर कई बार पारिवारिक उपेक्षा के शिकार बुजुर्गों को सरकार की ओर से भी सामाजिक सुरक्षा के रूप में कोई विशेष सुविधा नहीं मिल पाती है। वहीं देश के कई इलाकों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव और आर्थिक स्थिति से जुड़ी समस्याएं जगजाहिर रही हैं।

यह कोई छिपा तथ्य नहीं है कि आज वृद्धावस्था में पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा के अभाव में दैनिक खर्च और स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च में भारी उछाल आया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में ज्यादा उम्र वालों के लिए अब तक जो शर्तें रही हैं, वे स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच को मुश्किल बनाती हैं। आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं कि किसी वृद्ध व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उचित इलाज न मिल पाने से उसकी जान चली गई।

यह ध्यान रखने की जरूरत है कि आमतौर पर हर बुजुर्ग अपने बाद की उस पीढ़ी को बेहतर जीवन देने के लिए अपनी जिंदगी झोंक देता है, जो अपने परिवार साथ-साथ समाज और देश के लिए एक उपयोगी संसाधन बनता है। सवाल है कि बुजुर्गों की अपनी संतानें और सत्ता-तंत्र उसके स्वास्थ्य और संतोषजनक जीवन के लिए उचित व्यवस्था करने के प्रति उदासीन क्यों रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top