नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार बेहद सीमित दायरे में रहा और दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि रियल्टी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 135 अंकों की गिरावट के साथ 75,183.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी मामूली कमजोरी के साथ 23,654.70 पर बंद हुआ। बाजार में पूरे दिन निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बड़े शेयर कमजोर रहे। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और कई रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे छोटे निवेशकों का भरोसा कायम दिखाई दिया।
दिन के कारोबार में बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और बजाज फिनसर्व के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। वहीं ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो और ट्रेंट के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये बाजार के टॉप गेनर्स रहे।
उधर, बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया विक्स करीब 3.36 प्रतिशत गिरकर 17.82 पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह संकेत है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और बाजार में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।


