देहरादून। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का अमर अध्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिससे देवभूमि को वीरभूमि के रूप में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि सैनिकों का सम्मान राष्ट्रधर्म है और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई है। बलिदानी सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने, वीरता पुरस्कार विजेताओं की सहायता राशि बढ़ाने तथा सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा जैसी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र विजेताओं के लिए अनुग्रह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है। देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम अंतिम चरण में है, जबकि खटीमा-टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल स्थापित किया जाएगा। पुलिस, वन विभाग और अन्य सरकारी सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने के साथ स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में होमस्टे स्थापित करने हेतु विशेष सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य और कविता राष्ट्रप्रेम की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में देशभक्ति की रचनाओं के माध्यम से कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सैन्य अधिकारी, वीर सैनिक, पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


