आयुक्त ने निर्माण कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निगरानी पर दिया जोर
पौड़ी। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने मंगलवार को आयुक्त सभागार में निर्माण एवं अवसंरचना से जुड़े 14 विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए विकास परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं जाममुक्त आवागमन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिन्हित क्रिटिकल एवं डेंजर जोन का प्राथमिकता के आधार पर उपचार किया जाए। जिन स्थानों पर प्रतिवर्ष भूस्खलन की समस्या आती है, वहां स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाएं, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके। उन्होंने बाईपास, सुरंगों एवं प्रमुख सड़क परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि जो परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं अथवा पूर्ण होने की स्थिति में हैं, उन्हें इसी वर्ष पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए। उन्होंने मंडल की सभी 41 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों का विधानसभावार विवरण, स्वीकृत धनराशि, कार्य प्रारंभ होने की तिथि एवं वर्तमान प्रगति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की पूर्ण एवं अपूर्ण स्थिति का अद्यतन विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा।
मंडलायुक्त ने मंडलीय अधिकारियों को नियमित रूप से जनपदों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान प्रतिदिन बंद एवं चालू सड़कों की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में विभागवार समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई को यात्रा मार्ग पर यातायात प्रबंधन, जाम वाले स्थलों के स्थायी समाधान तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्माणाधीन सड़क एवं पुल परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा वर्षाकाल में त्वरित मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में सिंचाई विभाग को हर्षिल क्षेत्र में नदी कटाव रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों, सुरक्षा दीवारों की स्थिति एवं संभावित खतरे का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा कार्यशील एवं बंद नहरों का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं लघु सिंचाई विभाग को बंद नहरों को पुनः संचालित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को ग्रामीण क्षेत्रों की निर्माणाधीन परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। पेयजल निगम को वन स्वीकृति एवं अन्य एनओसी के कारण लंबित योजनाओं की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर कार्य प्रारंभ कराने तथा जल संस्थान को टैंकरों से पेयजल आपूर्ति वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा एवं क्षतिग्रस्त पेयजल परिसंपत्तियों के सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने ब्रिडकुल को सभी लंबित परियोजनाओं में गति लाने तथा श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन का निर्माण 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित भुगतान संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने तथा वर्षाकाल में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मंडलायुक्त ने अर्थ एवं संख्या अधिकारी (मंडलीय) को सभी विभागों से अद्यतन आंकड़े एकत्रित कर समेकित डाटा एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण तैयार करने, लंबित परियोजनाओं की पृथक सूची बनाकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अर्थ एवं संख्या अधिकारी (मंडलीय) शिल्पा भाटिया जोशी, मुख्य अभियंता स्तर-1 लोनिवि ओम प्रकाश, अधीक्षण अभियंता लोनिवि महिपाल सिंह रावत, जल संस्थान प्रवीण सैनी, प्रोजेक्ट मैनेजर ब्रिडकुल संजय कुमार जैन, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के आनंद सिंह, अपर अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरविंद मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


