देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए भारतीय रेडक्रॉस समिति, राज्य शाखा उत्तराखंड ने अपनी सभी जिला इकाइयों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में राज्य शाखा की एक ऑनलाइन वर्चुअल बैठक चेयरमैन मैनेजिंग कमेटी ओंकार बहुगुणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में सभी जिला शाखाओं के चेयरमैन और सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को मजबूत रखें और किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक जिले से उपलब्ध राहत सामग्री का आकलन कर आवश्यक मांग तत्काल राज्य शाखा को भेजने को कहा गया।
भारतीय रेडक्रॉस समिति के महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल ने बताया कि बैठक के दौरान विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने भारी बारिश से हुए नुकसान, राहत कार्यों की मौजूदा स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी साझा की। कई जिलों ने अतिरिक्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य शाखा में उपलब्ध राहत सामग्री को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित जिलों में भेजा जाएगा। चेयरमैन ओंकार बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और रेडक्रॉस के कर्मचारी व स्वयंसेवक विषम परिस्थितियों में भी राहत कार्यों के समन्वय में लगातार जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली को टारपोलिन, कंबल, स्वच्छता किट सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत मांग पत्र भी भेजा गया है।
ओंकार बहुगुणा ने कहा कि रेडक्रॉस का उद्देश्य मानवीय सेवा है और संगठन बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी जिला शाखाओं के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों से मानसून के दौरान पूरी सतर्कता, समन्वय और तत्परता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में चमोली, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, टिहरी, देहरादून सहित विभिन्न जनपदों के चेयरमैन, सचिव, वाइस चेयरमैन तथा राज्य मैनेजिंग कमेटी के सदस्य ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।


