Breaking News
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
‘’जनता की सेवा ही सरकार का धर्म, हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा प्रशासन – मुख्यमंत्री’‘
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
चमोली में मुख्यमंत्री ने किया ₹ 113.99 करोड़ की 36 योजनाओं का शिलान्यास
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को मिलेगा संबल, समाज कल्याण विभाग से मिलेगा ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
मुख्यमंत्री धामी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
16 जुलाई के बाद बदलेगा उत्तराखंड का मौसम, 20 जुलाई तक बारिश के आसार
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
शहनाज गिल और जय रंधावा की ‘इश्कनामा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार
पीएम आवास योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

विजयदशमी पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि

विजयदशमी पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि

दो अक्टूबर को मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान तिथि का ऐलान किया जाएगा

चमोली। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि इस साल दो अक्टूबर, विजयदशमी को निर्धारित की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंचांग गणना और धर्माचार्यों की उपस्थिति में आगामी वर्ष के लिए कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान होगा।

बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल और केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी तिथि की घोषणा करेंगे। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में पंज पूजा, उद्धव व कुबेर जी के पांडुकेश्वर प्रस्थान, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी के नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ गद्दी स्थल के लिए प्रस्थान का मुहूर्त तय किया जाएगा।

साथ ही, अगले वर्ष 2026 में होने वाली यात्रा के लिए भंडार सेवा हेतु पगड़ी भेंट भी दी जाएगी। इस प्रकार, विजयदशमी का यह अवसर न केवल धार्मिक बल्कि भव्य सांस्कृतिक आयोजन का प्रतीक बन जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top