Breaking News
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा
आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या
आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी के परिजनों को सौंपा ₹50 लाख की बीमा राशि का चैक
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी के परिजनों को सौंपा ₹50 लाख की बीमा राशि का चैक
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर सरिये से लदे ट्रक से टकराई कार, एक महिला की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर सरिये से लदे ट्रक से टकराई कार, एक महिला की मौत

सरकार ओसीसीआरपी की साख पर सवाल उठा रही

सरकार ओसीसीआरपी की साख पर सवाल उठा रही

हरिशंकर व्यास
कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर आरोप है कि वे देश में विकास को बाधित कर रहे हैं, निवेश रोकना चाहते हैं, देश को बदनाम कर रहे हैं आदि आदि। सवाल है कि क्या गौतम अडानी के खिलाफ कोई बात कहना देश के खिलाफ बोलना हो गया? पहले तो भाजपा और केंद्र सरकार के इकोसिस्टम ने यह नैरेटिव बनाया कि सरकार के खिलाफ या नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलना देश के खिलाफ बोलना होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री और सरकार को ही देश बना दिया। अब क्या नरेंद्र मोदी वाली स्थिति ही गौतम अडानी की भी देश में बना रहे है, जो उनके खिलाफ बोलने को भी देश के खिलाफ बोलना कहा जाएगा?

इसी तरह दूसरा सवाल यह है कि ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट यानी ओसीसीआरपी की किसी रिपोर्ट का हवाला देना देश विरोधी कैसे हो गया? यह संस्था तो पूरी दुनिया में भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के मामले खोलती है। इसका मतलब है कि संस्था भ्रष्टाचार विरोधी है। तो भ्रष्टाचार विरोधी संस्था भारत विरोधी संस्था कैसे हो गई? संस्था की रिपोर्ट भ्रष्टाचार के खिलाफ है और हम कह रहे हैं कि भारत के खिलाफ है। भाजपा का राहुल गांधी के ऊपर सबसे ज्यादा हमला इस बात को लेकर है कि उन्होंने ओसीसीआरपी की रिपोर्ट का बार बार हवाला दिया है। इस संस्था ने पेगासस से जासूसी का मामला खोला था और अडानी समूह द्वारा शेयर बाजार में हेराफेरी का भी खुलासा किया था। संस्था ने जो खुलासा किया उसके मेरिट पर बात करने की बजाय सरकार संस्था की साख पर सवाल उठा रही है।

बहरहाल, राहुल गांधी इस संस्था की रिपोर्ट का हवाला देकर सरकार को कठघऱे में खड़ा कर रहे हैं तो उनके एजेंडे पर सवाल उठाया जा रहा है और उनको देश विरोधी बताया जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि वे यह मुद्दा नहीं उठाएंगे तो दुनिया इसके बारे में नहीं जानेगी। ओसीसीआरपी वैश्विक संस्था है, जिसमें दुनिया भर के पत्रकार जुड़े हैं यह रिपोर्ट दुनिया भर में देखी जाती है। इसका मतलब है कि राहुल गांधी मुद्दा नहीं भी उठाएं तब भी दुनिया के लोग जानेंगे कि भारत में क्या हो रहा है। वैसे राहुल गांधी ने अपना एजेंडा साफ कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे कारोबार विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे एकाधिकारवाद के विरोधी हैं यानी दो चार लोगों के हाथ में सब कुछ सौंप देने का वे विरोध करते हैं। राहुल ने यह भी कहा कि अच्छे और ईमानदार उद्योगपति उनसे मिलते हैं तो उनकी बातों से सहमत होते हैं। उन्होंने कहा कि एकाधिकारवादी पूंजीपति राष्ट्रीय संस्थाओं के लिए ठीक नहीं हैं, प्रतिस्पर्धा के लिए ठीक नहीं हैं और छोटे उद्यमियों के लिए भी ठीक नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top