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कांवड़ यात्रा मार्ग के सभी भोजनालयों पर मालिक के नामोल्लेख पर कांग्रेस बिफरी

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उत्तराखंड की गंगा-जमुना तहजीब को नष्ट करने की कोशिश- कांग्रेस

देहरादून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद जिस तरह से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने का आदेश दिया है, उस पर उत्तराखंड की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने यह निर्णय उत्तर प्रदेश के बाद लिया जिसमें भोजनालयों और रेहड़ी पटरी के मालिकों के नाम लिखा जाना मैंडेटरी कर दिया गया है। निर्देश के अनुसार, प्रत्येक खाद्य दुकान या ठेले के मालिक को मालिक का नाम बोर्ड पर लिखना होगा।

दसौनी ने कहा कि यह उत्तराखंड की गंगा-जमुना तहजीब को नष्ट करने का प्रयास है। प्रदेश की सामाजिक समरसता को चोट पहुंचाने वाला कदम है। दसौनी ने कहा कि कानून व्यवस्था का हवाला देकर इस तरह का आदेश जारी किया गया है।

दसौनी ने कहा कि आज देश के छह बड़े मीट एक्सपोर्टर में से चार हिंदू हैं तो क्या उनको भी बिरादरी से बाहर किया जाएगा?
दसौनी ने पूछा क्या फ़िरोज़ाबाद की चूड़ियों पर भी लिखा जाएगा हिंदू या मुसलमान ?
क्या बनारस की साड़ी और भदोही के क़ालीन पर भी लिखा जाएगा हिंदू या मुसलमान ?
क्या नाई , गैराज , टेलर इत्यादि के दुकान पर भी लिखना होगा हिंदू या मुसलमान ?

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